अरावली केवल पहाड़ों की एक श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह हमारी हवा, हमारा पानी और हमारे भविष्य की सुरक्षा है। दिल्ली–एनसीआर और राजस्थान में सांस लेने लायक हवा, गिरता भूजल स्तर और बढ़ता तापमान—ये सभी सीधे तौर पर अरावली के कमजोर होते संरक्षण से जुड़े हुए हैं।
हाल ही में अरावली को केवल 100 मीटर की सीमित परिधि में परिभाषित करने से इसके बड़े हिस्से को खनन, निर्माण और कंक्रीटीकरण के लिए खुला छोड़ दिया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँचेगी, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के मौलिक अधिकार भी प्रभावित होंगे।
इस याचिका पर हस्ताक्षर करना:
• अपनी और अपने बच्चों की स्वच्छ हवा और पानी के अधिकार की रक्षा करना है।
• अरावली को एक समग्र पारिस्थितिक तंत्र के रूप में बचाने की आवाज़ को मज़बूत करना है।
• यह स्पष्ट संदेश देना है कि विकास प्रकृति को नष्ट करके नहीं, बल्कि उसे साथ लेकर होना चाहिए।
• संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत स्वस्थ पर्यावरण में जीवन के अधिकार के समर्थन में खड़ा होना है।
यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि जीवन और अस्तित्व का प्रश्न है।
आज आपका एक हस्ताक्षर कल लाखों लोगों की सांसों की सुरक्षा बन सकता है।
अरावली बचेगी, तभी सांस बचेगी।
इसी विश्वास के साथ इस याचिका पर हस्ताक्षर करिए और प्रकृति के पक्ष में अपनी आवाज़ जोड़िए।
अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाना हमारा कर्तव्य है क्योंकि यही राजस्थान की रीड है अगर इसको भूमिया नष्ट करने लग गए उसके बाद समझो राजस्थान का जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा जल जमीन अनेक प्रकार के जीव जंतु वनस्पति जल संसाधन सब नष्ट होने की कगार पर आ जाएंगे
D
Dev Suthar
7 months ago
Featured
I am concern about aravali and i am always in support to save aravali as it plays a crucial role in keeping our environment fresh and protect us from storms that arrives from desert. It also enhances greenery and wildlife, as it is a home to millions of species. So SAVE ARAVALI AND SAVE NATURE
I
Innu Prajapati
7 months ago
Featured
पेड़ पौधों को बजाने की जगह काट दिया जा रहा है जीव जंतु की रहने की जगह चीनी जा रही है अरे एक तरफ कहते फिरते हैं कि पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ अगर अरावली पर्वतों को काटा गया तो तोड़ा गया तो रेगिस्तान बनते टाइम नहीं लगेगा
B
BABU LAL
7 months ago
Featured
रेगिस्तान को सोलर से ढकने के बाद अब अरावली को नक्शे से मिटान े की तैयारी कर ली है।
इतनी विकास की भूख भी अच्छी नही ं है सरकार
हम पर्यावरण प्रेमी कहां कहां लड़ाई लड़े। बाकी आप एक पेड ़ माँ के नाम लगाते रहो
M
Mamta
7 months ago
Featured
अरावली है तो हमारी हमारे सांसें है राजस्थान में पहले से रेगिस्तान की वजह से गर्मी है अगर अरावली ही नहीं रहेगी तो ना ही पानी होगा ना ही ठंडी हवा होगी हमारी सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा जीव जंतु और किसान और सभी लोगों के लिए जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा अरावली ही हमारा जीवन है
B
Bharat Solanki
7 months ago
Featured
अरावली पर्वत माला को बचाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह मरुस्थलीकरण रोकती है, भूजल संरक्षण करती है, जलवायु संतुलन बनाए रखती है और जैव विविधता की रक्षा करती है। अरावली के नष्ट होने से पर्यावरण, खेती और मानव जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा।
A
Amrita
7 months ago
Donot touch aravali forests.. let them stay as they are
अरावली केवल पहाड़ों की एक श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह हमारी हवा, हमारा पानी और हमारे भविष्य की सुरक्षा है। दिल्ली–एनसीआर और राजस्थान में सांस लेने लायक हवा, गिरता भूजल स्तर और बढ़ता तापमान—ये सभी सीधे तौर पर अरावली के कमजोर होते संरक्षण से जुड़े हुए हैं।
हाल ही में अरावली को केवल 100 मीटर की सीमित परिधि में परिभाषित करने से इसके बड़े हिस्से को खनन, निर्माण और कंक्रीटीकरण के लिए खुला छोड़ दिया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँचेगी, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के मौलिक अधिकार भी प्रभावित होंगे।
इस याचिका पर हस्ताक्षर करना:
• अपनी और अपने बच्चों की स्वच्छ हवा और पानी के अधिकार की रक्षा करना है।
• अरावली को एक समग्र पारिस्थितिक तंत्र के रूप में बचाने की आवाज़ को मज़बूत करना है।
• यह स्पष्ट संदेश देना है कि विकास प्रकृति को नष्ट करके नहीं, बल्कि उसे साथ लेकर होना चाहिए।
• संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत स्वस्थ पर्यावरण में जीवन के अधिकार के समर्थन में खड़ा होना है।
यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि जीवन और अस्तित्व का प्रश्न है।
आज आपका एक हस्ताक्षर कल लाखों लोगों की सांसों की सुरक्षा बन सकता है।
अरावली बचेगी, तभी सांस बचेगी।
इसी विश्वास के साथ इस याचिका पर हस्ताक्षर करिए और प्रकृति के पक्ष में अपनी आवाज़ जोड़िए।
अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाना हमारा कर्तव्य है क्योंकि यही राजस्थान की रीड है अगर इसको भूमिया नष्ट करने लग गए उसके बाद समझो राजस्थान का जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा जल जमीन अनेक प्रकार के जीव जंतु वनस्पति जल संसाधन सब नष्ट होने की कगार पर आ जाएंगे
D
Dev Suthar
7 months ago
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I am concern about aravali and i am always in support to save aravali as it plays a crucial role in keeping our environment fresh and protect us from storms that arrives from desert. It also enhances greenery and wildlife, as it is a home to millions of species. So SAVE ARAVALI AND SAVE NATURE
I
Innu Prajapati
7 months ago
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पेड़ पौधों को बजाने की जगह काट दिया जा रहा है जीव जंतु की रहने की जगह चीनी जा रही है अरे एक तरफ कहते फिरते हैं कि पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ अगर अरावली पर्वतों को काटा गया तो तोड़ा गया तो रेगिस्तान बनते टाइम नहीं लगेगा
B
BABU LAL
7 months ago
Featured
रेगिस्तान को सोलर से ढकने के बाद अब अरावली को नक्शे से मिटान े की तैयारी कर ली है।
इतनी विकास की भूख भी अच्छी नही ं है सरकार
हम पर्यावरण प्रेमी कहां कहां लड़ाई लड़े। बाकी आप एक पेड ़ माँ के नाम लगाते रहो
M
Mamta
7 months ago
Featured
अरावली है तो हमारी हमारे सांसें है राजस्थान में पहले से रेगिस्तान की वजह से गर्मी है अगर अरावली ही नहीं रहेगी तो ना ही पानी होगा ना ही ठंडी हवा होगी हमारी सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा जीव जंतु और किसान और सभी लोगों के लिए जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा अरावली ही हमारा जीवन है
B
Bharat Solanki
7 months ago
Featured
अरावली पर्वत माला को बचाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह मरुस्थलीकरण रोकती है, भूजल संरक्षण करती है, जलवायु संतुलन बनाए रखती है और जैव विविधता की रक्षा करती है। अरावली के नष्ट होने से पर्यावरण, खेती और मानव जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा।
A
Amrita
7 months ago
Donot touch aravali forests.. let them stay as they are
अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाना हमारा कर्तव्य है क्योंकि यही राजस्थान की रीड है अगर इसको भूमिया नष्ट करने लग गए उसके बाद समझो राजस्थान का जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा जल जमीन अनेक प्रकार के जीव जंतु वनस्पति जल संसाधन सब नष्ट होने की कगार पर आ जाएंगे