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Stop Plagiarism and Save Manipur University Hindi Department

29 Comments

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Ish shakti singh
9 years ago Featured

तथाकथित कुछ ऐसे लोग जो अपने ज्ञान का महिमामंडन प्रदर्शित करने हेतु पुस्तक का रूप देते हैं, ऐसा अधिकांश होता है कि वह मेहनत किसी और का ही होता है. यह निंदनीय कार्य एक प्रक्रिया का समावेशी अंग बनता जा रहा है तभी, उच्च शिक्षा के क्षेत्र से विद्वानों की कमी भी होती जा रही है, यह हमारे भविष्य के साथ ही इस देश के विकास के लिए सोचनीय प्रश्न बनता जा रहा है जिसे रोकना अतिआवश्यक है....।

P
Pk Nema
9 years ago

Good this

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Prakhar nema
9 years ago

Good this

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Latika Chawda
9 years ago Featured

इस तरह की गतिविधि भारतभर के सम्पूर्ण शोधकर्ताओं और शोध कार्य को गोरखधंदे जैसे कार्य का दर्जा देती हैं । कृपया इसकी पुनरुक्ति न हों हम सब मिलकर प्रयास करें । धन्यवाद !

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Deepak maurya
9 years ago

Yes I am agree with and will do my best as possible as.

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Deepak maurya
9 years ago

Yes I am agree with and will do my best as possible as.

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DR ABHISHEK KUMAR YADAV
9 years ago Featured

इस अकादमिक धोखेबाजी ने पूरे शिक्षा तंत्र को बैठा दिया है. हर हाल में इस पर कार्यवाही होनी चाहिए..

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Rachana Singh
9 years ago

Yes I am agree with and will do my best as possible as.

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DEVRAJ
9 years ago

इस प्रकार के अकादमिक कदाचार ने भारत की शिक्षा को अत्यधिक नुकसान पहुँचाया है। ऐसे सभी प्रकरणों की जांच किया जाना अनिवार्य है।