Women, livestock and fodder trees in Central Himalayas

साथियों डा० महेश चंद्र जी जो कि भारतीय पशु चिकत्सा अनुसंधान संसथान बरेली में तकनिकी प्रचार प्रसार विभाग के अध्यक्ष हैं तथा पिछले अनेक वर्षों से रासायनिक दवाओं के बिना पशुपालन कैसे किया जाये विषय पर अनुसंधान रत हैं। इन्होने इस विषय पर तृणमूल स्तर पर बारीकी से अध्यन किया है। इन्होने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दो ब्लॉग लिखें हैं : जिसका लिंक नीचे दिया है

पहला ब्लॉग

मध्य हिमालय क्षेत्रों में चारा प्रदान करने वाले कौन कौन से वृक्ष हैं और उनके संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय महिलाओं कि क्या भूमिका है इस विषय पर इन्होने एक ब्लॉग लिखा है
http://www.wca2014.org/women-livestock-and-fodder-trees-in-central-himalayas/#.UuXk-BC6bIV

दूसरा ब्लॉग

वनों में रह कर दूध का उत्पादन कैसे किया जाये ( उत्तराखंड के वन गुजरों कि केस स्टडी)
http://www.wca2014.org/milking-the-forests/#.UuXrvxC6bIV

आपसे विनम्र अनुरोध है कि इन दोनों लिंक को खोलने के बाद आप इसे पढ़ें और ब्लॉग के नीचे बने पांच सितारों मैं से आखिरी पीले सितारे को माउस से क्लिक कर डैन तो इस ब्लॉग के पक्ष में आपका वोट गिन लिया जायेगा।

आपसे अनुरोध है कि आप वोट करने के बाद इसे शेयर करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसे पढ़ पाएं और वोट दे पाएं । कृपया इसे बहुत तेजी से करें ।

धन्यवाद सहित

कमल जीत

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